पद-परिचय
पद क्या होता है?
जब कोई शब्द अकेला हो; जैसे 'कमल' तब वह शब्द कहलाता है। लेकिन इसी शब्द को जब वाक्य में अन्य शब्दों के साथ उपयोग किया जाए, तब यह पद कहलाता है।
जैसे - कमल का फूल सुंदर है।
यहाँ कमल, फूल, सुंदर तीनों ही पद हैं।
अत: वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक सार्थक शब्द को पद कहते हैं।
पद-परिचय
आपसे यदि आपका परिचय पूछा जाए तो शायद आपका परिचय हो-मैं एक लड़का/लड़की हूँ। मेरा नाम है। मेरी आयु है आदि। अपने बारे में कुछ इस तरह की जानकारी देंगे।
इसी प्रकार व्याकरणिक दृष्टि से पद का परिचय देना पद-परिचय (व्याकरणिक परिचय) कहलाता हैं। पद परिचय में उस पद के भेद, उपभेद, लिंग, वचन, कारक आदि के परिचय के साथ, वाक्य में प्रयुक्त अन्य पदों के साथ उसके सम्बन्ध का भी उल्लेख किया जाता है।
व्याकरण की दृष्टि से पद पाँच प्रकार के होते हैं-
1 संज्ञा 2 सर्वनाम 3 क्रिया 4 विशेषण 5 अव्यय (क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक)।
पद परिचय देते समय निम्नलिखित पहलुओं की जानकारी देनी चाहिए :–
1.संज्ञा – संज्ञा का भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक), लिंग, वचन, कारक, क्रिया के साथ पद का संबंध।
1.संज्ञा – संज्ञा का भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक), लिंग, वचन, कारक, क्रिया के साथ पद का संबंध।
2. सर्वनाम – सर्वनाम का भेद (पुरुषवाचक, प्रश्नवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, निजवाचक), लिंग, वचन, कारक, क्रिया के साथ पद का संबंध।
3. क्रिया – क्रिया का भेद (कर्म के आधार पर (अकर्मक, सकर्मक) या रचना के आधार पर (संयुक्त, प्रेरणार्थक, पूर्वकालिक, नामधातु), लिंग, वचन, धातु, काल (वर्तमान, भूत, भविष्य), वाच्य, कर्ता का संकेत।
4. विशेषण – विशेषण का भेद (गुणवाचक, परिमाणवाचक, संख्यावाचक, सार्वनामिक), विशेष्य, लिंग, वचन।
5. क्रियाविशेषण अव्यय – क्रियाविशेषण का भेद (कालवाचक, स्थानवाचक, रीतिवाचक, परिमाणवाचक), विशेष्य।
5. क्रियाविशेषण अव्यय – क्रियाविशेषण का भेद (कालवाचक, स्थानवाचक, रीतिवाचक, परिमाणवाचक), विशेष्य।
6. संबंधबोधक अव्यय (भेद बताना आवश्यक नहीं), अन्य पदों से संबंध का निर्देश।
7. समुच्चयबोधक अव्यय (भेद बताना आवश्यक नहीं), संयुक्त शब्द अथवा वाक्य का उल्लेख।
8. विस्मयादिबोधक अव्यय (भेद बताना आवश्यक नहीं), भाव-सूचक।
संज्ञा पद-परिचय के उदाहरण-
* मोहन विद्यालय जाता है।
मोहन – व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक।
विद्यालय – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक।
* वह इस दुख को नहीं सह सकेगा।,
दुख – भाववाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक।
दुख – भाववाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक।
सर्वनाम पद-परिचय के उदाहरण-
* हम नैनीताल घूमने गए।
हम – पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ता कारक, 'घूमने गए' क्रिया का कर्ता।
हम – पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ता कारक, 'घूमने गए' क्रिया का कर्ता।
* कोई पुस्तक चुराकर ले गया।
कोई – अनिश्चयवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक, ‘चुराकर ले गया' क्रिया का कर्ता।
क्रिया पद-परिचय के उदाहरण-
* कृष्ण ने कंस को मारा।
मारा – सकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन, कर्तृवाच्य, भूतकाल।
मारा – सकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन, कर्तृवाच्य, भूतकाल।
* काला घोड़ा तेज भागता है।
भागता है – अकर्मक क्रिया, वर्तमान काल, पुल्लिंग, एकवचन।
भागता है – अकर्मक क्रिया, वर्तमान काल, पुल्लिंग, एकवचन।
विशेषण पद-परिचय के उदाहरण-
* काले घोड़े तेज़ भागते हैं।
काले – गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, ‘घोड़े' विशेष्य।
* राम दूसरी पंक्ति में बैठा है।
दूसरी – संख्यावाचक विशेषण, स्त्रीलिंग, एकवचन, ‘पंक्ति’ विशेष्य।
* वह पुस्तक किसकी है।
वह – सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, ‘पुस्तक’ विशेष्य।
वह – सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, ‘पुस्तक’ विशेष्य।
क्रियाविशेषण पद-परिचय के उदाहरण-
* कबीर तेज़–तेज़ चलता है।
तेज़–तेज़ – रीतिवाचक क्रियाविशेषण अव्यय, 'चलता है' विशेष्य।
तेज़–तेज़ – रीतिवाचक क्रियाविशेषण अव्यय, 'चलता है' विशेष्य।
* सीमा सवेरे टहलने जाती है।
सवेरे – कालवाचक क्रियाविशेषण अव्यय, ‘टहलने जाती है’ विशेष्य।
संबंधबोधक अव्यय पद-परिचय के उदाहरण-
* मेरे घर के पीछे रामलीला मैदान है।
के पीछे – संबंधबोधक अव्यय, ‘घर’ का संबंध अन्य शब्दों से जोड़ता है।
* बीमारी के कारण उससे खड़ा भी नहीं हो पा रहा।
* के कारण – संबंधबोधक अव्यय, ‘बीमारी’ का संबंध अन्य शब्दों से जोड़ता है।
के पीछे – संबंधबोधक अव्यय, ‘घर’ का संबंध अन्य शब्दों से जोड़ता है।
* बीमारी के कारण उससे खड़ा भी नहीं हो पा रहा।
* के कारण – संबंधबोधक अव्यय, ‘बीमारी’ का संबंध अन्य शब्दों से जोड़ता है।
समुच्चयबोधक अव्यय पद-परिचय के उदाहरण-
* मुझे चाय और कॉफी दोनों पसंद हैं।
और – समुच्चयबोधक अव्यय, ‘चाय और कॉफी' शब्दों को मिला रहा है।
और – समुच्चयबोधक अव्यय, ‘चाय और कॉफी' शब्दों को मिला रहा है।
* तुम किताब ले लो लेकिन फाड़ना नहीं।
लेकिन – समुच्चयबोधक अव्यय, 'तुम किताब ले लो' तथा ‘फाड़ना नहीं’ इन दो वाक्यों को जोड़ता है।
विस्मयादिबोधक अव्यय पद-परिचय के उदाहरण-
* वाह! क्या छक्का मारा है।
वाह! – विस्मयादिबोधक अव्यय, प्रशंसा का भाव।
विस्मयादिबोधक अव्यय पद-परिचय के उदाहरण-
* वाह! क्या छक्का मारा है।
वाह! – विस्मयादिबोधक अव्यय, प्रशंसा का भाव।
* ठीक! मैं रोज़ आऊँगा।
ठीक! – विस्मयादिबोधक अव्यय, स्वीकार का भाव।
ठीक! – विस्मयादिबोधक अव्यय, स्वीकार का भाव।
कुछ अन्य उदाहरण-
1 सत्य की सदा जीत होती है।
सत्य – भाववाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, संबंध कारक
2 हिमालय पर सदा बर्फ जमी रहती है।
हिमालय – व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, अधिकरण कारक
सत्य – भाववाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, संबंध कारक
2 हिमालय पर सदा बर्फ जमी रहती है।
हिमालय – व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, अधिकरण कारक
3 बाज़ार से कुछ चीनी ले आना।
कुछ – परिमाणवाचक विशेषण, बहुवचन, ‘चीनी' विशेष्य।
कुछ – परिमाणवाचक विशेषण, बहुवचन, ‘चीनी' विशेष्य।
4 स्वतंत्रता दिवस पर जगह-जगह राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है।
स्वतंत्रता – गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘दिवस’ विशेष्य।
स्वतंत्रता – गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘दिवस’ विशेष्य।
5 सुभद्रा कुमारी कविता लिखती थी।
कविता – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक।
कविता – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक।
6 चीता जंगली जानवर है।
जंगली – गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘जानवर’ विशेष्य।
7 रोहन मेरी बात पर बहुत हँसा।
बहुत – परिमाणवाचक क्रियाविशेषण अव्यय, 'हँसा' विशेष्य।
जंगली – गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘जानवर’ विशेष्य।
7 रोहन मेरी बात पर बहुत हँसा।
बहुत – परिमाणवाचक क्रियाविशेषण अव्यय, 'हँसा' विशेष्य।
8 वीर पुरुष की सब प्रशंसा करते हैं।
वीर – गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘पुरुष’ विशेष्य।
9 बहुत से लोग वहाँँ जमा हो गए थे।
बहुत से– संख्यावाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन, ‘लोग’ विशेष्य।
वीर – गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘पुरुष’ विशेष्य।
9 बहुत से लोग वहाँँ जमा हो गए थे।
बहुत से– संख्यावाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन, ‘लोग’ विशेष्य।
10 भागकर जाओ और बाज़ार से कुछ तो लाओ।
भागकर – रीतिवाचक क्रियाविशेषण अव्यय, 'जाओ' विशेष्य।
भागकर – रीतिवाचक क्रियाविशेषण अव्यय, 'जाओ' विशेष्य।
जाओ – अकर्मक क्रिया, एकवचन, पुल्लिंग, 'जा' धातु, कर्तृवाच्य।
बाज़ार – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अपादान कारक।
कुछ – अनिश्चयवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्म कारक।
बाज़ार – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अपादान कारक।
कुछ – अनिश्चयवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्म कारक।
लाओ – पूर्वकालिक क्रिया, एकवचन, पुल्लिंग, 'ला' धातु, कर्मवाच्य।




